1903 से चली आ रही परंपरा , 16 सितंबर से शुरू होगा ऐतिहासिक श्री नन्द देवी महोत्सव
July 05, 2026
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धर्म
नैनीताल: 1903 से चली आ रही परंपरा का होगा भव्य आयोजन, 16 सितंबर से शुरू होगा नैनीताल का ऐतिहासिक श्री नन्द देवी महोत्सव 2026
नैनीताल। उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आस्था के अद्भुत समागम के रूप में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्री नन्द देवी महोत्सव-2026 के आयोजन को लेकर श्री राम सेवक सभा की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को सभा भवन में आयोजित की गई। बैठक में पंचांग और आचार्यों की सलाह के आधार पर इस वर्ष महोत्सव की तिथियों का निर्धारण करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्ष 2026 में श्री नन्द देवी महोत्सव का शुभारंभ 16 सितंबर को पंचमी तिथि के अवसर पर किया जाएगा। वहीं, 19 सितंबर को भाद्रपद अष्टमी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में मां नन्दा-सुनन्दा की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी, जबकि 23 सितंबर को पारंपरिक डोला नगर भ्रमण आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त कन्या पूजन, विश्व शांति एवं जनकल्याण के लिए हवन तथा महाभंडारे सहित अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित तिथियों के अनुसार संपन्न कराए जाएंगे।
महोत्सव के सफल संचालन के लिए 23 उप समितियों का गठन किया गया है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने के लिए सरकार, शासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका परिषद तथा डीएसए का सहयोग लिया जाएगा। 
इसके साथ ही शहर के गणमान्य नागरिकों, भक्तजनों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ भी बैठकें आयोजित कर उनके सुझाव और सहयोग प्राप्त किए जाएंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। आयोजन समिति ने महोत्सव की भव्यता और गरिमा को बढ़ाने के लिए नगरवासियों से सक्रिय सहभागिता और सुझाव देने की अपील की है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि श्री नन्द देवी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का एक महत्वपूर्ण लोकोत्सव है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि नैनीताल में श्री नन्द देवी महोत्सव का शुभारंभ वर्ष 1903 में स्वर्गीय मोतीराम साह द्वारा किया गया था, जबकि वर्ष 1926 से श्री राम सेवक सभा इस ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन करते हुए सांस्कृतिक संरक्षण की ध्वजवाहक की भूमिका निभा रही है।
बैठक की अध्यक्षता मनोज साह ने की, जबकि संचालन जगदीश बावरी ने किया। बैठक में घनश्याम लाल साह, अशोक साह, राजेंद्र बिष्ट, विमल चौधरी, बिमल साह, राजेंद्र लाल साह, दीपक साह, राजेंद्र बजेठा, देवेंद्र लाल साह, भीम सिंह कार्की, कैलाश बोरा, भुवन बिष्ट, गिरीश भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।


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