विश्राम दिवस पर श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग व सुदामा चरित्र का हुआ भावपूर्ण वर्णन
May 28, 2026
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धर्म
नैनीताल: नैनीताल। श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाहों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। परीक्षित जी के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण के मुख्य आठ विवाह रुक्मणी, जामवंती, सत्यभामा, कालिन्दी, मित्रबिंदा, सत्या, भद्रा एवं लक्ष्मणा के साथ हुए थे।
कथा में शिशुपाल वध का प्रसंग सुनाते हुए बताया गया कि शिशुपाल भगवान श्रीकृष्ण की बुआ का पुत्र था। भगवान ने उसकी सौ गालियों को क्षमा करने के बाद उसका वध किया। साथ ही शिशुपाल के मित्र जरासंध के वध का भी वर्णन किया गया।
कथावाचक ने 33 कोटि देवताओं का महत्व बताते हुए कहा कि 11 देवता भूमंडल, 11 स्वर्ग तथा 11 पाताल में निवास करते हैं। इसके अतिरिक्त कृष्ण-सुदामा की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन करते हुए मित्रता के महत्व को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा गया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के परमधाम गमन का प्रसंग भी सुनाया गया, जिसमें बता
गया कि शिकारी के बाण लगने के पश्चात भगवान अपने परमधाम को प्रस्थान कर गए।
कथा समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर गोलूदेवता मंदिर के संस्थापकों में शामिल भीम सिंह कार्की एवं विमल चौधरी ने मंदिर आरती और हवन में विशेष सहयोग प्रदान किया। वहीं मंजू रौतेला, सुमन साह, मुन्नी भट्ट, सुमन कार्की, सरोज उपाध्याय, मोहन शर्मा एवं राकेश तिवारी ने भी सहयोग किया। अंत में सूरदास रामायणी जी ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

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