अतीत से वर्तमान तकः नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ पुस्तक का हुआ विमोचन
June 24, 2026
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शिक्षा
नैनीताल: ‘अतीत से वर्तमान तकः नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ पुस्तक का हुआ विमोचन, राज्यपाल ने AI हेरिटेज एंड टूरिज्म ऐप भी किया लोकार्पित
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘अतीत से वर्तमान तकः नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने AI Theme Room के मार्गदर्शन में विकसित AI Heritage & Tourism App का भी लोकार्पण किया। राज्यपाल ने कहा कि विरासत और नवाचार का समन्वय ही विकसित भारत की आधारशिला है और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को साकार करने के लिए सांस्कृतिक संरक्षण और तकनीकी नवाचार दोनों को समान महत्व देना होगा। उन्होंने कहा कि लोक भवन केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्मृतियों का जीवंत केंद्र है। लगभग 125 वर्ष पूर्व निर्मित यह भवन औपनिवेशिक काल से लेकर स्वतंत्र भारत और उत्तराखंड राज्य के गठन तक अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर की कहानी केवल अभिलेखों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस पुस्तक की परिकल्पना की गई। राज्यपाल ने पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक केवल राजभवन के निर्माण का इतिहास नहीं, बल्कि नैनीताल की सांस्कृतिक यात्रा, उत्तराखंड की विरासत और तत्कालीन सामाजिक परिवेश का भी महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
AI Heritage & Tourism App के संबंध में राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वर्तमान युग में तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, इतिहास और समाज के संरक्षण का सशक्त साधन बनाया जाना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि यह एप लोक भवन, नैनीताल और उत्तराखंड की समृद्ध विरासत को डिजिटल माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का अभिनव प्रयास है।
उन्होंने बताया कि ऐप में AI Heritage Guide, Smart Itinerary Planner और Interactive Time Capsule जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके माध्यम से पर्यटक और शोधार्थी ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा अपनी रुचि के अनुरूप यात्रा अनुभव का लाभ उठा सकेंगे। ऐप के ‘Hidden Gems’ फीचर के माध्यम से स्थानीय नागरिक अपने क्षेत्र के कम ज्ञात लेकिन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की जानकारी साझा कर सकेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि संस्कृति, लोक परंपराओं, आस्था और प्राकृतिक विरासत से जुड़ा विषय है। इसलिए राज्य को ऐसे पर्यटन मॉडल को बढ़ावा देना होगा, जो संवेदनशील, उत्तरदायी और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने वाला हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का संकल्प केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से जागरूक, तकनीकी रूप से सक्षम और अपनी जड़ों से जुड़ा भारत बनाने का संकल्प है।
कार्यक्रम में वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, पुस्तक के लेखक डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, एप के निर्माता सिद्धार्थ माधव, प्रकाशक संतोष सिंह सहित कुमाऊं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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