प्लास्टिक कचरे से हिमालयी जल स्रोत जैव विविधता गंभीर ख़तरे में: नौला फाउंडेशन

Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
September 10, 2021 562 views
प्लास्टिक कचरे से हिमालयी जल स्रोत जैव विविधता गंभीर ख़तरे में: नौला फाउंडेशन जनहित
उत्तराखंड: प्लास्टिक कचरे से हिमालयी जल स्रोत जैव विविधता गंभीर ख़तरे मैं भारत का मुकुट कहलाने वाले पर्वतराज हिमालय के स्थानीय निवासियों को समर्पित "हिमालय दिवस " पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं नौला फाउंडेशन के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम ‘ हिमालय का महत्व एवं हमारी जिम्मेदारियां’ में क्षेत्र के युवाओं को सम्मानित किया गया। जिसमे विकासखंड चौखुटिया ग्रामं कनोनी मासी के युवा ग्राम प्रधान गिरधर बिष्ट व् फुलौरा ग्राम के इंजीनियर हिमांशु फुलोरिया, विकासखंड द्वाराहाट की युवा ग्राम प्रधान सुमन कुमारी, विकासखंड ताड़ीखेत ग्राम चलसिया पड़ोली के पर्यावरणविद संदीप मनराल को विशेष तौर पर नमामि गंगे के द्वारा सम्मानित गया। ग्राम प्रधान गिरधर बिष्ट का कहना हैं कि यह सम्मान वो समस्त राम गंगा घाटी को समर्पित करते हैं जिनके परस्पर जन सहयोग से वो धरातल पर जमीनी कार्य करने में सफल हुए है।उन्होंने कहा कि आज पहाड के गांवों में ठोस व तरल कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नही है । ग्रामवासी प्लास्टिक को खुले में जल स्रोतो के आसपास फैंक कर चले जाते है जो हिमालयी वैटलेडंस व जैव विविधता के लिये गंभीर ख़तरा बन गयी है । हमें मिलकर ठोस समाधान निकालना ही होगा। ये कदम घर से उठाना होगा, तभी गगास, रामगंगा, गंगा, यमुना जैसी नदियों का अस्तित्व रहेगा। पर्यावरणविद सुरेंद्र सिंह मनराल का कहना हैं की भारत वर्ष में नदियों के जल का ७०% स्प्रिंगफेड यानि पारम्परिक प्राकृतिक जल स्रोत है जो वनाच्छादन की कमी, वर्षा का अनियमित वितरण एवं अनियंत्रित विकास प्रक्रिया के कारण सूखते जा रहे हैं। इस हिमालयी राज्य में स्प्रिंगशेड (नौले-धारे का रिचार्ज क्षेत्र) संरक्षण, संवर्धन पर असल हितधारक स्थानीय जन समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करनी ही होगी । समस्त उत्तराखंड में जल मंदिर नौले धारों के संरक्षण को संकल्पित समुदाय आधारित संस्था नौला फाउंडेशन कुमाऊँ मंडल में परस्पर जन सहभागिता से पहाड़ पानी परम्परा के सरंक्षण संवर्धन में लगी है। गगास घाटी की बेटी लोकप्रिय युवा ग्राम प्रधान सुमन कुमारी का कहना है कि की गभीर चितां का विषय है कि पर्यावरण से सबसे ज़्यादा नुक़सान हमारे परम्परागत जल स्रोतों स्प्रिंग नौले, धारों व गधेरो को हो रहा है । नौला फाउंडेशन के अध्यक्ष बिशन सिंह का कहना हैं की आज पर्वत राज हिमालय के बारे में हम मिलकर एक नई सोच स्थापित करें, जिसमें समाज और सरकार का समन्वय हो, स्थानीय समुदायों को साथ लेकर ही हिमालय सरंक्षण नीति बनायीं जाय, जिसमें जल जंगल, और जमीन के तहत हिमालय की सामाजिक,आर्थिक, परिस्थितिक, जैव विविधता, व सांस्कृतिक पहलुओं पर कुछ विशेष नियम बनाये जाएं। जिनका किसी भी प्रकार का उल्लंघन दण्डनीय हो। आज का महत्वपूर्ण प्रश्न है जगह-जगह फैले कूड़े के ढेर, जिनमें अधिकतर प्लास्टिक वेस्ट यानी रंग-बिरंगे पॉलीथिन बैग, टूटी-फूटी प्लास्टिक की बोतलें आदि दिखाई देती हैं, जो नॉन-बायोडिग्रेडेबल वस्तुएँ हैं, आज ये समस्या इतनी बढ़ गई है कि ये हमारे पर्यावरण के लिये बड़ा खतरा बन गई है। गभीर चितां का विषय है कि पर्यावरण से सबसे ज़्यादा नुक़सान हमारे परम्परागत जल स्रोतों स्प्रिंग नौले धारों गधेरो को हो रहा है । भारत वर्ष में नदियों के जल का ७०% स्प्रिंग यानि परम्परागत प्राकृतिक जल स्रोत है, जो वनाच्छादन की कमी, वर्षा का अनियमित वितरण एवं अनियंत्रित विकास प्रक्रिया के कारण सूखते जा रहे हैं। ऊपर से प्लास्टिक कचरा इन्हीं जल स्रोतो के जल एवं जैव विविधता को प्रदूषित कर रहा है । आज पहाड के हर गॉव मैं ठोस व तरल कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नही है । सब ग्राम वासी प्लास्टिक को खुले मैं जल स्रोतो के आसपास फैंक कर चले जाते है जो हिमालयी वैटलेडंस व जैव विविधता के लिये गंभीर ख़तरा बन गयी है । इस हिमालयी राज्य में स्प्रिंगशेड ( नौले-धारे का रिचार्ज क्षेत्र) संरक्षण, संवर्धन पर असल हितधारक स्थानीय जन समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करनी ही होगी । नौला फाउंडेशन का सरकार से ये निवेदन हैं की हिमालय के लिए एक ठोस हिमालयी परिस्थिति संरक्षण नीति बनानी चाहिए और पर्यटकों पर इस पॉलीथीन रूपी बीमारी से छुटकारा पाने के लिये पर्यावरण शुल्क भी लगाना अनिवार्य करना होगा। प्लास्टिक पर पूर्णतः प्रतिबन्ध आज के समय की गंभीर मांग है तभी थोड़ा बहुत हम अपने बच्चों को साफ़ सुधरा भविष्य दे सकते हैं I आज पूरा विश्व जिस संकट की आशंका से चिंतित है उसने हमारे दरवाजे पर दस्तक दे दी है I प्रकृति का क्रोध प्रत्यक्ष रूप से हमें विश्व के विभिन्न भागों मै साफ तौर पर दिखाई दे रहा है I है। नौला फाउंडेशन निदेशक पर्यावरणविद किशन भट्ट का मानना है कि हमारे वेदों के पारम्परिक जल विज्ञानं पर आधारित परम्परागत जल सरंक्षण पद्धति व सामुदायिक भागीदारी को ज्यादा जागरूक करके पारम्परिक जल सरंक्षण पर ध्यान देना होगा I अब समय आ चुका हैं हिमालय के लिए एक ठोस नीति बनानी होगी और पर्यटकों पर पर्यावरण शुल्क भी लगाने के साथ साथ प्लास्टिक पर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगाना होगा तभी थोड़ा बहुत हम अपने बच्चों को साफ़ सुधरा भविष्य दे सकते हैं I मिडिया हेड पर्यावरणविद संदीप मनराल ने संवाददाता को बताया नौला फाउंडेशन पहाड पानी परम्परा के संरक्षण को संकल्पित है इसी मद्देनज़र इस प्लास्टिक के सदुपयोग के लिए स्वच्छ भारत अभियान ( ग्रामीण ) को समर्थित परस्पर सामुदायिक जन सहभागिता के साथ नौला फाउंडेशन परिवार देशहित मैं संकल्पित महाअभियान #R5-2030 से समस्त देशवासियों को जुड़ने की अपील करता हैं । महान चिंतक व नौला फाउंडेशन नीतिज्ञ पर्यावरणविद स्वामी वीत तमसो के अनुसार दुनिया भर के देशों में 5 अरब से ज्यादा प्लास्टिक बैग यूं ही फेंक दिए जाते हैं। आज जिन प्लास्टिक की थैलियों में हम बाजार से सामान लाकर आधे घंटे के इस्तेमाल के बाद ही फेंक देते हैं और उन्हें नष्ट होने में हज़ारों साल लग जाते हैं। क्यों नहीं हम स्वदेशी पैकिंग का उपयोग करना फिर शुरू करते। देश में स्वदेशी के नाम पर चल रहे जितने उद्योग हैं, सभी को इस दिशा में जल्दी सोचना होगा। आज सुबह का बिस्कुट और चाय दोनों ही प्लास्टिक में उपलब्ध है। आटा, चावल, दालें, मसाले सभी प्लास्टिक में पैक है। कपड़े, किताबें, इलेक्ट्रॉनिक, किसी भी ओर नजर घुमा के देख लें प्लास्टिक मौजूद है। स्वदेशी पैकिंग प्रणालियों को पुनर्जीवित करने का अवसर है। हमें इस दिशा में नया कानून चाहिये। पैकिंग नितियों को फिर से आमूल चूल परिवर्तन की आवश्यकता है। सभी चाहते है, प्लास्टिक से पीछा छूटे, पर ठोस नीतियोँ के बिना ये कदापि सम्भव नहीं।
प्लास्टिक कचरे से हिमालयी जल स्रोत जैव विविधता गंभीर ख़तरे में: नौला फाउंडेशन body image
Share this article:

Comments

0 voices

Log in or sign up to comment

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Keep scrolling

More stories

पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण पर सख्ती, जिला विकास प्राधिकरण ने लिए कड़े फैसले जनहित
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Jan 08, 2026 47

पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण पर सख्ती, जिला विकास प्राधिकरण ने लिए कड़े फैसले

हल्द्वानी: सर्किट हाउस काठगोदाम में अध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण/आयुक्त/सचिव मा. मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में …
श्री राम सेवक सभा के धार्मिक आयोजन, 23 जनवरी को उपनयन संस्कार धर्म
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Jan 07, 2026 175

श्री राम सेवक सभा के धार्मिक आयोजन, 23 जनवरी को उपनयन संस्कार

नैनीताल: नैनीताल की प्राचीनतम धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था श्री राम सेवक सभा (स्थापना वर्ष 1918) विगत कई दशकों से नगर …
नैनीताल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, अंकिता हत्याकांड में CBI जांच की मांग, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन video thumbnail
VIDEO
राजनीति
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Jan 07, 2026 164

नैनीताल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, अंकिता हत्याकांड में CBI जांच की मांग, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

नैनीताल: नैनीताल। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग तेज हो गई है। इसी क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और …
जनसुनवाई में भूमि विवादों और जनसमस्याओं पर आयुक्त  रहे पूरी तरह सख्त जनहित
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Jan 03, 2026 80

जनसुनवाई में भूमि विवादों और जनसमस्याओं पर आयुक्त रहे पूरी तरह सख्त

नैनीताल: हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आयुक्त/सचिव मा० मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनता की समस्याओं को गंभीरता …
स्थानांतरण आदेश के विरोध की पड़ी भारी कीमत, वरिष्ठ सहायक को दंड जनहित
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Jan 02, 2026 225

स्थानांतरण आदेश के विरोध की पड़ी भारी कीमत, वरिष्ठ सहायक को दंड

नैनीताल: स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक मंच से शासकीय निर्णय की आलोचना करना, कार्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन व नारेबाजी …
नववर्ष पर कैंची धाम  गोल्ज़यू मंदिर नयना  देवी मंदिर में  उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ धर्म
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Jan 01, 2026 203

नववर्ष पर कैंची धाम गोल्ज़यू मंदिर नयना देवी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

नैनीताल: नैनीताल। नववर्ष के अवसर पर आज बाबा नीम करौली महाराज के प्रसिद्ध कैंची धाम के साथ-साथ गोल्जयू मंदिर घोड़ाखाल और …
हेडिंग: बाघ हमले में महिला की मौत पर किटोडा में उबाल, शव रखकर जताया विरोध दुर्घटना
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Dec 31, 2025 152

हेडिंग: बाघ हमले में महिला की मौत पर किटोडा में उबाल, शव रखकर जताया विरोध

नैनीताल: पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने ओखलकाण्डा विकासखंड के किटोडा, चमोली क्षेत्र में बाघ का …
आधी रात को बीडी पांडे अस्पताल के पास आग से मचा हड़कंप, 6 वाहन जलकर खाक दुर्घटना
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Dec 31, 2025 206

आधी रात को बीडी पांडे अस्पताल के पास आग से मचा हड़कंप, 6 वाहन जलकर खाक

नैनीताल: नैनीताल: शहर के जिला अस्पताल बीडी पांडे अस्पताल परिसर में रात 2 से 3 बजे के करीब उस समय अफरा-तफरी …
फांसी गधेरे–अयारपाटा क्षेत्र में बांज के जंगल में लगी आग, फायर ब्रिगेड की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी दुर्घटना
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Dec 31, 2025 139

फांसी गधेरे–अयारपाटा क्षेत्र में बांज के जंगल में लगी आग, फायर ब्रिगेड की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी

नैनीताल: मंगलवार देर सायं नैनीताल जनपद मुख्यालय के फांसी गधेरे एवं अयारपाटा क्षेत्र में बांज के जंगल में भीषण आग लगने …
शीतलहर के चलते नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में 31 दिसंबर को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद शिक्षा
Ganesh Kandpal Ganesh Kandpal
Dec 30, 2025 171

शीतलहर के चलते नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में 31 दिसंबर को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद

नैनीताल: शीतलहर के चलते नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में 31 दिसंबर को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद नैनीताल, 30 दिसंबर 2025। जनपद …
Scroll to load more stories