चम्पावत:कोलीढेक झील के विकास से पर्यटकों को कश्मीर जैसा अनुभव उत्तराखण्ड में मिलेगा
August 06, 2024
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जनहित
उत्तराखंड: ### चम्पावत को आदर्श पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना
जनपद चम्पावत को आदर्श पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा इस संबंध में लगातार समीक्षा की जा रही है।
आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि कोलीढेक झील के विकास से पर्यटकों को कश्मीर जैसा अनुभव उत्तराखण्ड के चम्पावत में मिलेगा। मंगलवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जनपद चम्पावत के लोहाघाट कोलीढेक झील एवं टी गार्डन को पर्यटन के लिए विकसित करने हेतु प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुति दी गई। चम्पावत जनपद के लोहाघाट में सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित कोलीढेक झील, जिसकी लंबाई 1500 मीटर, चौड़ाई 80 मीटर और झील की गहराई 21 मीटर है, को विकसित किया जायेगा।
आयुक्त ने बताया कि इस झील में वोटिंग, पार्किंग, कैफेटेरिया, ओपन थियेटर, एरोमैटिक प्लांट, फॉरेस्ट ट्रेल, शौचालय, और पर्यटकों के ठहरने के लिए झील के किनारे कार्टेज बनाये जायेंगे। इसके लिए लगभग 25 करोड़ की डीपीआर तैयार हो चुकी है और जल्द ही योजना पर कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को कश्मीर जैसा अनुभव कोलीढेक झील में मिलेगा और साथ ही चम्पावत में टी-गार्डन के लिए 19 करोड़ की डीपीआर भी तैयार हो गई है। टी-गार्डन को आधुनिक कर पर्यटन के लिए विकास किया जायेगा ताकि लोग अधिक से अधिक आकर टी-गार्डन का दीदार कर सकें।
उन्होंने कहा कि झील के पास स्थानीय उत्पादों की बिक्री हेतु स्टॉल/कियोस्क की व्यवस्था की जायेगी जिससे लोगों को उत्तराखण्ड के उत्पादों की जानकारी होगी और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि जनपद चम्पावत में पर्यटन का विकास होने से लोगों को रोजगार मिलेगा और स्थानीय लोगों की आर्थिकी में भी इजाफा होगा।
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