शव के 72 टुकड़े कर फ्रिज में डालकर रखने वाले राजेश गुलाटी को 45 दिन की ज़मानत
July 26, 2022
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सामान्य
उत्तराखंड: नैनीताल। हाईकोर्ट ने सोमवार को देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे राजेश गुलाटी को इलाज के लिए 45 दिन की शार्ट टर्म जमानत प्रदान की है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि नियत की है। शार्ट टर्म जमानत प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि राजेश गुलाटी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और उसकी सर्जरी भी होनी है। इस आधार पर उसे शॉर्ट टर्म जमानत प्रदान की जाए यह भी कहा गया है कि गुलाटी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उसे जेल से अच्छे आचरण का सर्टिफिकेट भी मिला है।
मामले के अनुसार, राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की 17 अक्तूबर 2010 को निर्मम हत्या कर दी थी। शव के 72 टुकड़े कर उन्हें डीप फ्रिज में डाल दिया था। 12 दिसंबर 2010 को अनुपमा का भाई दिल्ली से देहरादून आया तो हत्या का खुलासा हुआ। देहरादून कोर्ट ने राजेश गुलाटी को 1 सितंबर 2017 को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई और 15 लाख का अर्थदंड भी लगाया। इसमें से 70 हजार राजकीय कोष में जमा करने व शेष राशि उसके बच्चों के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में माना। राजेश गुलाटी पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और 1999 में लव मैरिज की थी। राजेश गुलाटी ने इस आदेश को हाइकोर्ट में 2017 में चुनौती दी थी।
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