नंदा राजजात बनी आकर्षण का मुख्य केंद्र, बिड़ला स्कूल में धूमधाम से संपन्न हुआ ‘एल्केमी–2025’
सामान्य
बिड़ला स्कूल में ‘एल्केमी–2025’ का भव्य आयोजन, आत्मबोध की थीम पर सजी रंगारंग सांस्कृतिक संध्या हल्द्वानी 22 नवम्बर आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग, हल्द्वानी में वार्षिकोत्सव ‘एल्केमी–2025’ का आयोजन अत्यंत भव्य, गरिमामय और रंगारंग वातावरण में किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की मूल थीम ‘आत्मबोध (स्वयं की खोज)’ रखी गई, जिसने सम्पूर्ण आयोजन को एक गहरी आध्यात्मिक एवं दार्शनिक दिशा प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवेश मेहरा, उप-प्रधानाचार्य श्री प्रकाश कुमार, प्रधानाध्यापिका श्रीमती वंदना टम्टा एवं श्री सुरेश बाजपेयी (मैनेजर – इंफ्रास्ट्रक्चर) द्वारा मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार जोशी (वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिक, डीआरडीओ, हल्द्वानी) एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. चेतना तिवारी जोशी सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस भव्य समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए उपस्थित रहे — • सुश्री दीक्षिता, जॉइंट मजिस्ट्रेट, पौड़ी (विद्यालय की पूर्व छात्रा) • डॉ. गोविंद सिंह तितियाल, प्रधानाचार्य, सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी • सुश्री प्रीति तिवारी, उप निदेशक, गृह मंत्रालय (पूर्व छात्रा) • डॉ. अरुण जोशी, पूर्व प्रधानाचार्य, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज • श्री नरेश चंद्रा, वाइस प्रेसिडेंट, सेंचुरी पल्प एंड पेपर, लालकुआं • श्री महेंद्र कुमार हरित (CFO), सेंचुरी पल्प एंड पेपर, लालकुआं कार्यक्रम में विद्यालय की हेड गर्ल मनस्विनी परगाईं द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ विद्यालय के ऑर्केस्ट्रा समूह द्वारा स्वागत गीत और ‘वंदे मातरम्’ की संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने सभागार को देशभक्ति और ऊर्जा के भाव से भर दिया। इसके उपरांत रेन सांग और अर्थ सांग की सुंदर प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके बाद वंदना – देव आवाहन शीर्षक पर आधारित शास्त्रीय नृत्य की भावमयी प्रस्तुति ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवेश मेहरा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के शैक्षिक, सांस्कृतिक और नैतिक विकास के लिए निरंतर समर्पित है। उन्होंने कहा कि ऐसे वार्षिकोत्सव छात्रों के आत्मविश्वास और रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। “माटी की गूँज” के माध्यम से विविध भारत की जीवंत प्रस्तुति कार्यक्रम के अगले चरण में “माटी की गूँज” शीर्षक पर आधारित प्रस्तुति के अंतर्गत देश की विविधता में एकता का संदेश प्रस्तुत किया गया। इसमें विभिन्न राज्यों के पारंपरिक लोक नृत्यों की मनोहारी झांकियाँ दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत की गईं, जिनमें प्रमुख रूप से — • गुजरात का गरबा एवं डांडिया • कर्नाटक का यक्षगान • महाराष्ट्र का कोली नृत्य • उत्तराखंड की प्रसिद्ध नंदा राजजात यात्रा की सजीव झांकी विशेष रूप से बारह वर्षों में आयोजित होने वाली नंदा राजजात की जीवंत प्रस्तुति ने सभागार को भक्ति, आस्था और संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। वहीं, माँ को समर्पित भावनात्मक नृत्य-नाट्य के माध्यम से माँ और बच्चे के पवित्र रिश्ते, त्याग एवं वात्सल्य की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शक भाव-विभोर हो उठे। इसके पश्चात विद्यालय के इंटरैक्ट क्लब द्वारा उत्तराखंड की वीरांगना बिशनी देवी पर आधारित एवं 3110 इंटरैक्ट क्लब द्वारा आयोजित तिरंगा डॉक्यूमेंट्री प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। ‘विज़र्ड ऑफ ओज़’ में आत्मबोध की प्रेरक यात्रा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही अंग्रेज़ी नृत्यनाटिका “The Wizard of Oz”, जिसमें डोरोथी नामक बालिका की एक साहसिक, चुनौतीपूर्ण और काल्पनिक यात्रा के माध्यम से आत्मबोध — स्वयं की पहचान और आत्मविश्वास की खोज की गूढ़ परिकल्पना को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। छात्रों की अभिनय क्षमता, मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और संगीत संयोजन दर्शनीय था। मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार जोशी ने अपने संबोधन में कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जुनून, समर्पण और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है तथा प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का एक स्पष्ट लक्ष्य अवश्य तय करना चाहिए। लीड एम्बेसडर सुश्री दीक्षिता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयी जीवन में गलतियाँ होना स्वाभाविक है, क्योंकि वही अनुभव हमें जीवन की सच्ची सीख देते हैं। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह किया कि बच्चों को बिना जजमेंट के समझें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित करते रहें। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के हेड बॉय तेजस जोशी ने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-गण, अभिभावकों, पूर्व छात्रों, पुलिस प्रशासन, पत्रकार बंधुओं एवं सभी प्रतिभागियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात राष्ट्रीय गान के सामूहिक गायन के साथ एल्केमी–2025 का सफल, प्रेरणादायक और ऐतिहासिक समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के कला विभाग द्वारा विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा से सजी विविध पेंटिंग्स एवं कलाकृतियों की आकर्षक एवं स्तरीय प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो सभी आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। एल्केमी–2025 विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, संस्कार, संस्कृति और सृजनात्मकता का एक अद्भुत संगम बनकर उपस्थित जनसमूह की स्मृतियों में सदैव के लिए अंकित हो गया।
Comments
0 voicesLog in or sign up to comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!